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अंतर्द्वंद्व


अंतर्मन में प्रतिस्पर्धा चल रही है
जिसमें मेरी लड़ाई किससे है?
पता नहीं, लेकिन
एक युद्ध छिड़ चुका है वहां
जिसमें सैकड़ों की संख्या में
प्रतिद्वंदी पड़े हैं पीछे मेरे।
मैं बेसुध केवल भाग रहा हूं।
वक्त की रफ्तार धीमी पड़ जाए
कदमों को नहीं रोक सकता मैं।
यहां मेरे पास भागने के अलावा
और कोई चारा भी तो नहीं है।
जहां मैं रुका पता है मुझे,
वो कुचलकर आगे बढ़ जाएंगे।
वक़्त भी नहीं याद रखेगा मुझे
लोगों से क्या उम्मीद रखूं।
इसलिए मैं भाग रहा हूं!
अंतर्मन में प्रतिस्पर्धा चल रही है
जिसमें मेरी लड़ाई किससे है?

© शशांक

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